औरतों को शनि देव की पूजा करनी चाहिए या नहीं – aurato ko shani dev ki puja karni chahie ya nahi

हैलो दोस्तो कैसे है आप सब लोग , में आशा करता हूं कि आप सभी लोग कुशल होंगे । दोस्तो आज के इस आर्टिकल में हम शनि देव के बारे में बात करेंगे । दोस्तो आज के इस आर्टिकल में हम आप को बताएंगे कि क्या औरतों को शनि देव की पूजा करनी चाहिए या नहीं – aurato ko shani dev ki puja karni chahie ya nahi । अगर दोस्तो आप भी यह जानना चाहते हैं कि क्या औरतों को शनि देव की पूजा करनी चाहिए या नहीं – aurato ko shani dev ki puja karni chahie ya nahi तो आप हमारे आज के इस आर्टिकल को पूरा पड़े ।

दोस्तो आज के इस आर्टिकल में हम आप को शनि देव के बारे में बताएंगे । दोस्तो आज के इस आर्टिकल में हम आप को बताएंगे कि क्या औरतों को शनि देव की पूजा करनी चाहिए या नहीं – aurato ko shani dev ki puja karni chahie ya nahi

इसके अलावा दोस्तो आज के इस आर्टिकल में हम आप को शनि देव की पूजा कैसे करनी चाहिए , शनिदेव के व्रत में क्या खाना चाहिए , शनि देव की मूर्ति किस दिशा में रखनी चाहिए , शनि शिंगणापुर में दरवाजे क्यों नहीं है , शनिदेव के 3 प्रश्न , शनि देव की पूजा की सामग्री , शनि शिंगणापुर कहां है और शनि देव का भोग क्या है इन सब के बारे में विस्तार से बताएंगे । अगर दोस्तो आप को भी इन सभी बातों के बारे में विस्तार से जानना है तो आप हमारे आज के इस आर्टिकल को पूरा पड़े । तो चलिए करते हैं आज के इस आर्टिकल को स्टार्ट –

औरतों को शनि देव की पूजा करनी चाहिए या नहीं

औरतों को शनि देव की पूजा करनी चाहिए या नहीं – aurato ko shani dev ki puja karni chahie ya nahi –

हिंदू धर्म कई युगों पुराना धर्म है । हिंदू धर्म में कई सारे देवी देवता हैं , और इन कई सारे देवी देवताओं की पूजा की विधि भी अलग-अलग हैं । हिंदू धर्म में ही शनिदेव भी आते हैं । शनि देव को बहुत क्रोधित माना जाता है । हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार शनि देव परम कृपालु हैं । शनि देव के पिताजी सूर्य देव को माना जाता है ।

शनिदेव परम कृपालु तो है ही लेकिन ऐसा माना जाता है , कि शनि देव को क्रोध भी बहुत ज्यादा आता था । जब शनिदेव को किसी पर क्रोध आता है , तो उसे सामान्य भाषा में शनि लगना करते हैं । जब किसी को सनी लगता है , तो उसके कार्य बिगड़ने लगते हैं । वह जिस कार्य को प्रारंभ करता है , वह पूरा नहीं हो पाता है । शनिदेव की कुदृष्टि उस पर पड़ जाती है ।

क्या औरतों को शनि देव की पूजा करनी चाहिए या नहीं – aurato ko shani dev ki puja karni chahie ya nahi इस पर कई लोगों का अलग अलग मत है । लेकिन दोस्तों हमारे हिसाब से और कुछ विद्वानों का भी यह मानना है , की औरत शनिदेव की पूजा कर सकती हैं , लेकिन वह शनिदेव की मूर्ती को छू नहीं सकती हैं ।

औरत के शनिदेव को छूने से एक बुरी ऊर्जा उत्पन्न होती हैं , जो उस औरत के लिए हानिकारक हो सकती हैं । लेकिन हां यह कहीं नहीं लिखा गया है की औरत शनिदेव की पूजा नहीं कर सकती है ।अतः औरत शनिदेव की पूजा कर सकती हैं , लेकिन वह शनि देव की मूर्ति को स्पर्श नहीं कर सकते हैं ।

शनि देव की पूजा कैसे करनी चाहिए –

आपको कुछ सामग्री एकत्र करनी है जो कि इस प्रकार है काला उड़द, काला तिल, लोहे की कील, काला कपड़ा सवा मीटर हो या फिर काले कपड़े का कोई टुकड़ा हो, तांबे का लोटा, सरसों का तेल, गुड, धूप, दीपक लोहे के पात्र का हो तो सबसे बेहतर है नहीं तो आप मिट्टी का दीपक भी इस्तेमाल कर सकते हैं और नीले पुष्प । शनिवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:24 A.M. to 05:11 A.M. मैं उठना है नहा धोकर साफ-सुथरे वस्त्र धारण करने हैं ध्यान रहे वस्त्र काले या फिर नीले रंग का हो तो सबसे बढ़िया क्योंकि शनिदेव को काला और नीले रंग बहुत ही ज्यादा प्रिय है।

इसके बाद आप अपने घर के पास ऐसे मंदिर में जाएं जहां पर पीपल का वृक्ष और शनिदेव की शीला हो, ध्यान रहे पीपल का वृक्ष जितना पुराना होगा उसका फल उतना ही प्रभावशाली होगा । मंदिर में पहुंचकर तांबे के लोटे में जल भर ले उसमें थोड़ा काला उड़द थोड़ा सा काला तिल डालकर “ॐ शं शनैश्चराय नमः ।” मंत्र का जप करते हुए जल को पीपल के वृक्ष में अर्पित कर दें ध्यान रहे जल अर्पित करते समय आप का मुख पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए ।

दीपक मैं थोड़ा काला तिल थोड़ा और काला उड़द और लोहे की कील और सरसों का तेल डालकर दीपक को पीपल के पास प्रज्वलित कर दें और धूप जलाएं । शनि देव की शिला के पास जाकर काला तिल काला उड़द काला वस्त्र लोहे की कील गुड और नीले पुष्प को अर्पित करें इसके बाद सरसों के तेल को किसी लोहे के पात्र में रख कर शनिदेव की शिला पर अर्पित करें और वहां पास में जल रहे दीपक में भी सरसों के तेल को डालें ।

इसके पश्चात पीपल के वृक्ष के पास बैठकर शनि चालीसा का पाठ करें और शनि के मंत्र “ॐ शं शनैश्चराय नमः।” का जप करें और पीपल के वृक्ष की कम से कम 7 बार या फिर 11 बार परिक्रमा करें इससे पित्र दोष का निवारण होता है और काल सर्पदोष यदि आपकी राशि में या कुंडली में हैं तो वह दूर होती है ।

शनिदेव के व्रत में क्या खाना चाहिए –

शनिदेव का व्रत शनिवार को रखा जाता है । इस व्रत में एक बार भोजन करने का विधान है । शनिदेव के व्रत में सूर्य अस्त के 2 घंटे बाद एक बार भोजन कर सकते हैं । शनिदेव के व्रत में काली चीजों का सेवन कर सकते हैं , जैसे उड़द की दाल । इसके अलावा आप फल फ्रूट खा सकते हैं , लेकिन ऐसा माना जाता है कि नींबू व संतरा शनिदेव के व्रत में खाना अशुभ होता है ।

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शनि देव की मूर्ति किस दिशा में रखनी चाहिए –

शनिदेव की पूजा में दिशा का विशेष महत्व है । ऐसा माना जाता है कि शनि देव पश्चिम दिशा के स्वामी हैं । इसलिए आप जब कभी भी भगवान शनिदेव की पूजा आराधना करें तो आपका मुंह पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए , जिससे कि भगवान शनिदेव की कृपा दृष्टि सदैव आप पर बनी रहे ।

शनि शिंगणापुर में दरवाजे क्यों नहीं है –

शनि शिंगणापुर मैं किसी भी घर में दरवाजे नहीं हैं , इसके पीछे लोगों का यह मानना है कि भगवान शनि देव उनके घर की रक्षा करेंगे । उनके घर पर कोई चोरी नहीं होगी , जब तक शनिदेव है । शनि शिंगणापुर के किसी भी घर में दरवाजे नहीं है , सभी लोग भगवान शनि देव पर विश्वास करते हैं , और इसी विश्वास के चलते वहां पर दरवाजे नहीं हैं ।

शनि शिंगणापुर कहां है –

शनि शिंगणापुर एक ऐसा गांव है , जहां पर किसी भी घर में दरवाजे नहीं है । इस गांव में दरवाजे नहीं होने के कारण यह गांव बहुत ही प्रचलित है । यह गांव महाराष्ट्र में स्थित हैं , लेकिन महाराष्ट्र के साथ पूरी भारत में प्रसिद्ध है । शनि शिंगणापुर में शनिदेव का शिवलिंग है , और वहां के लोग भगवान शनि देव के परम भक्त हैं । वह शनि देव पर इतना विश्वास करते हैं कि उन्होंने अपने घर पर दरवाजे तक नहीं लगा रखे हैं ।

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शनि देव के 3 प्रश्न –

अपने आप को सबसे बड़ा ज्ञानी वह तपस्वी मानने वाला महा अहंकारी नरोत्तम का अहंकार तोड़ने के लिए भगवान शनिदेव ने नरोत्तम से 3 प्रश्न पूछे थे । जिसमें से पहला प्रश्न था कि “मनुष्य के लिए धर्म , स्वर्ग व तपस्या क्या है” दूसरा प्रश्न था कि “मनुष्य के लिए पांच महायज्ञ कौन-कौन से हैं” शनिदेव का तीसरा प्रश्न था कि “संसार में सबसे निकृष्ट व त्वचा कौन है” ।

शनि देव की पूजा की सामग्री –

शनि देव की पूजा के लिए आपको कुछ सामग्री एकत्र करनी है , जो कि इस प्रकार है काला उड़द, काला तिल, लोहे की कील, काला कपड़ा सवा मीटर हो या फिर काले कपड़े का कोई टुकड़ा हो, तांबे का लोटा, सरसों का तेल, गुड, धूप, दीपक लोहे के पात्र का हो तो सबसे बेहतर है नहीं तो आप मिट्टी का दीपक भी इस्तेमाल कर सकते हैं और नीले पुष्प । अधिकतर भगवान शनिदेव की पूजा में ऐसी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है ।

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शनि देव का भोग –

शनि देव को काले तिल के लड्डू का भोग लगाया जाता है , इसके अलावा शनि देव को सरसों के तेल का भी भोग लगाया जाता हैं । इसके अलावा भगवान शनि देव को काले उड़द की दाल और तिल के तेल का भी भोग लगाया जाता है । इसके अलावा भगवान शनि देव को सच्ची श्रद्धा और निष्ठा से जो भी भोग लगाया जाए वह पसंद आता है ।

निष्कर्ष –

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने आपको शनि देव के बारे में बताया हैं । दोस्तो आज के इस आर्टिकल में हमने आप को बताया हैं कि क्या औरतों को शनि देव की पूजा करनी चाहिए या नहीं – aurato ko shani dev ki puja karni chahie ya nahi । इसके अलावा भी भगवान शनि देव से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां आज के इस आर्टिकल में हमने आपको बताई है ।

भगवान शनि देव को न्यायधीश माना जाता हैं । लेकिन भगवान शनिदेव का न्याय करने का तरीका थोड़ा अलग है , वह अपराधी को कड़ा दंड देते हैं । जिस किसी को भी भगवान शनि देव दंड देते हैं , तो उसको शनि लगना बोलते हैं । भगवान शनि देव का स्थान पीपल के तने में माना जाता है । भगवान शनिदेव का वार शनिवार को माना जाता है ।‌

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